लॉकडाउन के चलते 3 महीने की फीस व निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन के द्वारा की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

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गाजियाबाद : वर्तमान समय में मौजूदा सरकार के खिलाफ जनता मेंं हाहाकार मची हुई है फिर वह मामला निजी करण का हो, बेरोजगारी का हो, या फिर शिक्षा को लेकर हो पूरे देश में युवाा छात्र, सरकारी कर्मचारी, तथा अभिभावक सड़कों पर आकर अपनी समस्याओं से जूझ कर आवाज उठा रहे हैं

इसी दौरान गाजियाबाद से पेरेंट्स एसोसिएशन गाजियाबाद के पदाधिकारियों ने भी लॉकडाउन के चलते बच्चों की 3 महीने की फीस को लेकर जमकर विरोध किया और वह सभी पदाधिकारी गाजियाबाद स्थित कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं यह भूख हड़ताल उन्होंनेेे 2 सितंबर से शुरू की थी और आज तीसरा दिन था

वहां पर उपस्थित कुछ पदाधिकारियों से हुई बातचीत में उन्होंने बताया की सदी की सबसे भयंकर आपदा कोरोना महामारी अर्थात करोना काल कोविड-19 कि इस वैश्विक महामारी में निजी स्कूलों द्वारा की जाा रही मनमानीओ के खिलाफ पुरजोर तरीके से अपनी बातों को शासन प्रशासन तक पहुंचाया है और अपनी बातचीत में उन्होंने आगे बताया की निजी स्कूल अपनी मनमानी ओ को पूरा करने पर अड़े हुए हैं 4 जुलाई के अपर मुख्यय सचिव के आदेश की परवाह नहीं कर रहे हैं और फीस ना देने की स्थिति में बच्चों को उनकी ऑनलाइन क्लास से बाहर कर रहे हैं यूनिट टेस्ट में बच्चों को नही बैठने दिया जा रहा है जहां तक की बच्चों का नाम काटने की धमकी भी दे रहेे हैं और साथ ही 3 महीने की फीस वसूलने को लेकर बच्चों के अभिभावकों पर दबाव भी बना रहे हैं इसी को लेकर गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन ने सरकार से कुछ अपनी मांग रखी उनकी पहली मांग लॉकडाउन समय की एक तिमाही की फीस माफी उनकी दूसरी मांग जुलाई से ऑनलाइन क्लास के अनुसार फीस का निर्धारण तीसरी मांग फीस ना देने की स्थिति में बच्चों की ऑनलाइन क्लास को तत्काल शुरू किया जाए चौथी मांग जिला स्तरीय शुल्क नियामक समिति डीएफआरसी में अभिभावकों द्वारा की गई शिकायतों का तुरंत निवारण किया जाए पांचवी मांग जिला स्तरीय शुल्क नियामक समिति द्वारा जिले के सभी निजी स्कूलों की बैलेंस शीट की जांच कर फीस अधिनियम 2018 के अनुसार फीस निर्धारित की जाए

इस मौके पर अध्यक्ष सीमा त्यागी, उपाध्यक्ष जय बिष्ट, सचिव अनिल सिंह और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे

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